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एप क्रोनिकल : अंडर डॉग्स के साहस की गाथा

VMAX App Chronicles: Adventures of an UnderDOG

यूरो 2016 को पुर्तगाल और फ्रांस के बीच हुए अति उत्तेजक नाख़ून चबाऊ फाइनल मुकाबले के लिए याद किया जाएगा जिसमें दिखा कि पुराने खिलाड़ी लोभ सहित ट्रॉफी घर ले गए लेकिन केवल इसी लिए इसे नहीं याद रखा जाएगा ! सच है न?

वहाँ इस साल वह टीम थी जिसने परंपराओं को चुनौती देते हुए अपेक्षाओं के पार जाकर खेल के दैत्य माने जाने वाले प्रतिद्वंदी से भिड़कर सभी को चकित कर दिया। यह डेविड और गोलियथ की टक्कर जैसा था। वह टीम थी आइसलैंड! उन्होंने कप नहीं जीता और फाइनल मुकाबले में भी स्थान नहीं पाया लेकिन उन्होंने लोगों के दिल जीत लिए और सभी को जता दिया कि वे इसके हकदार थे। 

फुटबॉल के इस अंडरडॉग ने अभी तक अपना गोल नहीं मारा है लेकिन वहीँ और एक अंडरडॉग है जो रोज अपने सपनों को हकीकत में बदलते देखता है।

सीजन 1 की पहली फिल्म मुम्बई निवासी एक एप ठेकेदार के जीवन पर आधारित है। वैभव चह्वाण नामक यह नौजवान उस काल में फला फूला जब इंडस्ट्री ने मोबाइल गेमिंग के बर्फखंड पर केवल एक खरोंच मारी थी। 

उसने निश्चयपूर्वक मोबाईल गेमिंग के प्रति अपने प्रेम को समझा और केवल 26 वर्ष की उम्र में, अपनेे व्यावसायिक नजरिये से सभी बाधाओं को पार करते हुए मोबाईल गेमिंग स्टूडियो अंडर डॉग्स की नींव रख दी। यह वैभव की कहानी है जो निश्चित ही उभरते हुए एप ठेकेदारों को प्रेरणा देगी । 

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